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Neiphiu Rio Biography in Hindi
November 8, 2019 • Damodar Singh

नेफियू रियो का जन्म और शिक्षा

नेफियू रियो का जन्म सन् 1950 में तुफेमा गांव में हुआ था. वहीं इन्होंने अपने जन्म स्थान नागालैंड के ही बैप्टिस्ट इंग्लिश स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा हासिल की थी. कुछ सालों तक इस स्कूल में पढ़ने के बाद रियो ने पश्चिम बंगाल के सैनिक स्कूल में दाखिला ले लिया था और अपनी आगे की शिक्षा यहां से जारी रखी थी. वहीं इन्होंने अपनी डिग्री की पढ़ाई दार्जिलिंग के सेंट जोसेफ कॉलेज से की है. इसके अलावा इन्होंने कोहिमा के आर्ट्स कॉलेज से भी स्नातक किया हुआ है.

नेफियू रियो का परिवार

नेफियू रियो ने साल 1975 में कैसा रियो से विवाह किया था और इनके कुल छह बच्चे हैं, जिनमें से एक बेटा और अन्य बेटियां हैं. वहीं इनकी पत्नी का अपना हैंडलूम का व्यापार है.

प्रारम्भिक जीवन व शिक्षा
रियो कोहिमा जिले के तुफेमा गांव के स्वर्गीय गुलहॉली रियो के बेटे हैं और अंगामी नागा जनजाति से ताल्‍लुक रखते हैं। उन्होंने बैप्टिस्ट इंग्लिश स्कूल, कोहिमा और सैनिक स्कूल, पुरुलिया, पश्चिम बंगाल से अपनी प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने सेंट जोसेफ कॉलेज, दार्जिलिंग में कॉलेज में प्रवेश लिया और बाद में कोहिमा आर्ट्स कॉलेज से स्नातक किया। अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों के दौरान सक्रिय छात्र नेता थे। रियो कम उम्र में ही राजनीति में आ गए थे। उन्होंने नागालैंड के मुख्यमंत्री बनने से पहले कई प्रतिष्ठित संगठनों का नेतृत्व किया था। उन्होंने १९७४ में कोहिमा जिला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) यूथ विंग के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। १९८४ में उन्हें उत्तरी अंगामी क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष के रूप में भी नियुक्त किया गया। वे भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी नागालैण्ड शाखा के मानद उपाध्यक्ष भी रहे।

नेफियू रियो का राजनीति करियर

नागा जनजाति से नाता रखने वाले रियो ने शुरू से ही राजनीति में आने की ठान रखी थी. अपने सपने को पूरा करने के लिए इन्होंने अपने कॉलेज के दौरान ही राजनीति में कदम रख दिया था. अपने कॉलेज के दिनों में इन्होंने कई छात्र चुनाव लड़े थे. वहीं साल 1974 में इन्हें यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की युवा शाखा का अध्यक्ष बनाया गया था. वहीं यहां से इन्होंने अपने राजनीति करियर को और कामयाब बनाया.

साल 1989 में लड़ा पहला चुनाव-

साल 1989 में रियो ने पहली बार नागालैंड विधानसभा का चुनाव लड़ा था. इन्होंने ये चुनाव कांग्रेस पार्टी की तरफ से लड़ा था. कांग्रेस पार्टी ने रियो को उत्तरी अंगामी- II चुनाव क्षेत्र से अपना उम्मीदवार खड़ा किया था और इस चुनाव में इन्हें जीत मिली थी.

वहीं साल 1993 में रियो ने एक बार फिर इसी सीट से चुनाव लड़ अपनी जीत दर्ज करवाई थी. इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी की जीत हुई थी और रियो को पार्टी की ओर से नागालैंड राज्य का गृह मंत्री बनाया गया था. साथ ही इन्होंने नागालैंड की रेड क्रॉस सोसाइटी में कुछ समय तक अपनी सेवाएं भी दी हैं. हालांकि कुछ विवाद होने के कारण रियो ने साल 2002 में कांग्रेस पार्टी को छोड़ दिया था.

तीन बार बने राज्य के मुख्यमंत्री-

कांग्रेस पार्टी से अलग होने के बाद रियो नागा पीपुल्स फ्रंट पार्टी का हिस्सा बन गए. वहीं साल 2003 में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में इनकी पार्टी को जीत मिली और इनको इस राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया. लेकिन 3 जनवरी 2008 को इस राज्य में राष्ट्रपति शासन के आदेश दिए गए , जिसके बाद इनको अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी. वहीं 2008 में फिर से इस राज्य में हुए चुनावों में इनको जीत मिला और ये दोबारा से मुख्यमंत्री बनने में कामयाब हुए. वहीं साल 2013 में इनको एक बार फिर से विधानसभा चुनावों में जीत मिली और ये तीसरी बार इस राज्य के मुख्यमंत्री बन गए.

साल 2018 में एनडीपीपी पार्टी में हुए शामिल

नागा पीपुल्स फ्रंट पार्टी के कुछ सदस्यों ने अपनी एक अलग पार्टी बना ली थी. साल 2017 में अक्टूबर के महीने में बनी इस पार्टी का नाम राष्ट्रवादी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी रखा गया था. वहीं 2018 में रियो भी इस पार्टी में शामिल हो गए थे.

रियो को भारतीय राजनीति में किये गये सराहनीय कार्यो के लिए, मदर टेरेसा मेमोरियल अवॉर्ड दिया गया. यह साल 2007 में दिया गया था.

नेफियू रियो के पास कुल संपत्ति

साल 2008 में नागालैंड के विधानसभा चुनाव में अपना हलफनामा देते हुए रियो ने अपनी कुल संपत्ति 6 करोड़ रुपए बताई थी. वहीं साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में अपने एफिडेविट में रियो ने अपनी कुल संपत्ति 31 करोड़ रुपए बताई थी.

नेफियू रियो द्वारा संभाले गए पद

राज्य सरकार में संभाले हैं कई पद-

कांग्रेस पार्टी की और से इन्हें राज्य का खेल और स्कूल शिक्षा मंत्री बनाया गया था. इसके अलावा इन्होंने नागालैंड खादी और ग्राम उद्योग बोर्ड और नागालैंड के विकास प्राधिकरण में बतौर अध्यक्ष भी अपनी सेवाएं दी हैं.