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Prakash Javadekar Biography in Hindi
November 8, 2019 • Damodar Singh

प्रारंभिक जीवन : प्रकाश जावड़ेकर का जन्‍म 30 जनवरी 1951 को महाराष्‍ट्र के पुणे शहर में एक शिक्षक के घर हुआ। प्रारंभिक शिक्षा पुणे के स्‍कमल से ही प्राप्‍त कर उन्होंने पुणे विश्‍वविद्यालय में बी.कॉम कोर्स में दाखिला ले लिया।
व्यक्तिगत जीवन
प्रकाश जावड़ेकर की एक बहन एक स्कूल शिक्षक के रूप में काम कर रही है। उनकी पत्नी डॉ प्रची जावड़ेकर एक अग्रणी शिक्षा शोधकर्ता और परामर्शदाता हैं और इंदिरा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, पुणे के पूर्व निदेशक हैं। उनके दो बेटे हैं: डॉ। आशुतोष जावड़ेकर जो एक दंत चिकित्सक और एक कलाकार हैं, और अपूर्व जावड़ेकर जो बोस्टन विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी का पीछा कर रहे हैं।

राजनीतिक जीवन : प्रकाश जावड़ेकर अपने शिक्षणकाल के दौरान ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्‍य बन गए और कई आंदोलनों का नेतृत्‍व भी किया। उन्‍होंने 1971 में एबीवीपी का सदस्‍य रहते हुए महाराष्‍ट्र बैंक में ग्रामीण विकास विभाग, सिक यूनिट सेल तथा बैंक के रोजगार संवर्धन प्रोगाम विभाग में लगभग 10 वर्षों तक कार्य किया।

प्रकाश जावड़ेकर ने 1975 में आपातकाल के दौरान सत्‍याग्रह आंदोलन का नेतृत्‍व भी किया। जावड़ेकर 1975 में पुणे विश्‍वविद्यालय के सीनेट सदस्‍य चुने गए। 1984 में पहली बार राष्‍ट्रीय स्‍तर की राजनीति में आए, जब वे 1984 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्‍ट्रीय सचिव व जनरल सेक्रेटरी बने।

भाजपा में जावड़ेकर के महत्‍वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्‍हें महाराष्‍ट्र में भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रचार समिति का प्रमुख और महाराष्‍ट्र राज्‍य का सचिव बनाया गया। प्रकाश जावड़ेकर 1995 में महाराष्‍ट्र राज्‍य प्‍लानिंग बोर्ड के कार्यकारी अध्‍यक्ष चुने गए।

वर्ष 2000 में वे महाराष्‍ट्र सरकार में आईटी विभाग के टॉस्‍क फोर्स के चेयरमैन बने। 1994 और 2002 में वे महाराष्‍ट्र भाजपा के प्रवक्‍ता बने। प्रकाश जावड़ेकर पर 31 मई 2012 को सीवीसी ने कोल घोटाले में उनका हाथ होने का आरोप लगाया तथा उनकी सीबीआई जांच भी हुई।

आपातकाल के विरोध में जावड़ेकर ने सत्याग्रह किया और इसी दौरान वे 16 महीने तक जेल में रहे। उस दौरान संघ, जनसंघ और अन्य विचारों के प्रमुख नेताओं से मिले, उनसे सीखा और हमेशा उन सबसे अपना संपर्क बनाए रखा।

लोकसभा चुनाव 2014 के परिणाम आने के बाद सांसद नहीं होने के बावजूद उन्हें मंत्री परिषद में शामिल किया गया और तीन महत्वपूर्ण विभागों-पर्यावरण मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार समेत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी।

प्रकाश जावड़ेकर 2016 में देश के नए शिक्षामंत्री बनाए गए। वोट के बदले नोट कांड का पर्दाफाश कर उस पूरे घटनाक्रम को लोगों के सामने लाने में भी जावड़ेकर ने अहम भूमिका निभाई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अहम पहलों का सबसे पहले समर्थन करने और उस पर अमल की शुरुआत में जावड़ेकर आगे रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण गंगा नदी को लेकर उनकी कोशिशें रही हैं।

आयोजित की गईं पद
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन पोर्टफोलियो के लिए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
भाजपा के उम्मीदवार के रूप में राज्य सभा (यूपी) संसद सदस्य
अक्टूबर 2011 से – सदस्य, शिक्षा अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन पर समिति
सूचना एवं प्रसारण के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (मई 2014 – नवंबर 2014)
केन्द्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री (मई 2014 – नवंबर 2014)
संसद सदस्य, राज्य सभा (महाराष्ट्र) (2008-14)
सदस्य, रक्षा संबंधी स्थायी समिति (2008-10 और 2012-14)
सदस्य, भारतीय प्रेस परिषद (2010-14)
सदस्य, मानव संसाधन और विकास संबंधी स्थायी समिति (2010-12)
सदस्य, लोक लेखा समिति
सदस्य, विद्युत मंत्रालय के लिए सलाहकार समिति
सदस्य, अधीनस्थ कानून पर समिति
सदस्य, वक्फ पर समिति
“आईटी फोर्स मास”, भारत सरकार, पर वर्किंग ग्रुप। (2000)
राष्ट्रपति, नोिनो (बीमा अधिकारियों का राष्ट्रीय संगठन)
अध्यक्ष, केसीडीयू (खादी आयोग कर्मचारी यूनियन)
कार्यकारी अध्यक्ष, राज्य योजना बोर्ड महाराष्ट्र (1995-199 9)
विधान परिषद सदस्य – पुणे डिवीजन स्नातक संविधान (1990-2002) से महाराष्ट्र
अध्यक्ष, आईटी पर टास्क फोर्स, महाराष्ट्र सरकार (1 997-199 9)
राष्ट्रपति, ग्लोबई इंडिया (संतुलित सरकार के लिए वैश्विक विधायक संगठन)
उपलब्धियां
सर पुरुषोत्तम दास ठाकुर मेमोरियल “समन्वयन के दृष्टिकोण में ग्रामीण विकास और बैंकों की भूमिका” पर शोध पत्रों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार
मीडिया लैब एशिया प्रोजेक्ट (2000) [5] से बातचीत करने के लिए बोस्टन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल
अमेरिकन काउंसिल ऑफ यंग पॉलिटिकल लीडर्स (एसीआईपीएलएल) प्रोग्राम, 1 9 85 के तहत युवा राजनीतिक नेताओं के सदस्य के रूप में दौरा किया यू.एस.ए.
अमरीका के सदस्य के रूप में दौरा किया