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आप विधायक के काफिले पर हमला, बदला लेने के लिए रची गई खौफनाक साजिश
February 12, 2020 • Damodar Singh • देश

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के तमाम नेता विधानसभा चुनाव में मिली जीत का जश्न मना रहे थे. जीत बड़ी है तो जश्न भी बड़ा. राजधानी के हर इलाके में पार्टी के कार्यकर्ताओं का जोश देखते ही बन रहा था. इसी बीच महरौली से नवनिर्वाचित आप विधायक नरेश यादव का काफिला भी मंगलवार की देर रात इलाके से गुजर रहा था. विधायक जी अपने कुछ कारिंदों के साथ खुली जीप में सवार थे. आगे और पीछे उनके समर्थक और पार्टी के कार्यकर्ता ढोल की थाप पर थिरक रहे थे. लेकिन अचानक विधायक के काफिले पर गोली चलने लगी. एक बाद एक कई राउंड गोलियों की आवाज़ से अफरा तफरा मच गई.

विधायक के काफिले पर हमला

हर कोई जानना चाहता था कि आखिर हुआ क्या है. भीड़ इधर उधर हो गई. हमलावर उस जीप की तरफ निशाना साधकर गोलियां चला रहा था, जिस पर खुद विधायक नरेश यादव और उनके समर्थक सवार थे. गोलियों की आवाज़ थम चुकी थी. विधायक के साथ जीप पर सवार एक शख्स लहूलुहान हालत में नीचे पड़ा था. एक और दूसरा शख्स भी चोटिल था. हमले के बाद पता चला कि एक खास शख्स को टारगेट बनाकर हमला किया गया, जिसका नाम अशोक मान था. वो बिल्कुल विधायक के बगल में पीछे की तरफ खड़ा था.

मातम में बदला जीत का जश्न

उसका जिस्म पांच गोलियों से छलनी हो चुका था. अब उस जिस्म से जान जा चुकी थी. दूसरा शख्स तड़प रहा था. हमले से बचने के लिए नीचे झुके विधायक नरेश यादव की सांसें किसी रेल के इंजन की तरह तेज चल रही थीं. जीत का जश्न अब मातम में तब्दील हो चुका था. पुलिस को ख़बर लग चुकी थी. कुछ देर बाद पुलिस किशनगढ़ फोर्टिज चौक के पास मौके पर जा पहुंची. घायल को अस्पताल पहुंचाया गया.

सांसद ने किया था ट्वीट

हमले के बारे में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने फौरन एक ट्वीट किया. ये खबर पूरी राजधानी में आग की तरह फैल गई. सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. पुलिस हैरान परेशान थी कि आखिर हमला किसने और क्यों किया. इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए छानबीन शुरू हो चुकी थी.और वारदात के कुछ घंटे बाद ही इस मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया.

हमले की पीछे रंजिश!

दिल्ली पुलिस ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि एक ही हमलावर था. हमलावर ने अशोक मान को टारगेट बनाकर गोलियां चलाई थी. करीब 8 से ज्यादा राउंड फायरिंग हुई. जिसमें 5 गोली अशोक मान को लगी, जबकि 2 गोली हरेंद्र को लगी. पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद साफ कर दिया कि हमलावर का निशाना विधायक नहीं बल्कि अशोक मान ही था. हमले की वजह पुलिस ने पुरानी रंजिश बताई.

पुलिस ने हमले को बताया गैंगवार

मगर सवाल था कि हमलावर ने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया. क्यों उसने अशोक मान की जान ले ली. अभी इन सवालों का जवाब मिलना बाकी था. पुलिस ने मौके से 6-7 गोली के खाली खोखे बरामद किए हैं. घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया. पुलिस इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही थी. लिहाजा पुलिस को इस खूनी साजिश में शामिल तीन नाम पता चले और उनके खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया.

विधायक नरेश यादव पर नहीं था निशाना

आरोपियों के नाम कालू ,धामी और देव है. ये सभी किशनगढ़ गांव के रहने वाले हैं. गौर करने वाली बात ये है कि मृतक अशोक मान और घायल हरेंद्र भी किशनगढ़ गांव के ही निवासी थे. जब पुलिस ने कालू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया. उसने माना कि वो हमले में शामिल था. आरोपी कालू ने खुलासा करते हुए बताया कि वो लोग आप विधायक पर हमला करने नहीं आये थे, बल्कि उनका निशाना अशोक मान और उसका भतीजा हरेंद्र था. वो उन दोनों को मारने के लिए ही आए थे.

ये थी हमले की वजह

इसके बाद इस खौफनाक साजिश की परतें खुलती चली गईं. कालू ने पुलिस को बताया कि अशोक मान के काफी नजदीक जाकर उसे 5 गोलियां मारी गईं. और हरेंद्र को दो गोली लगीं. जब पुलिस ने कालू से पूछा कि आखिर उसने अशोक मान और हरेंद्र पर हमला क्यों किया? तो उसने हमले की वजह का खुलासा करते हुए बताया कि पिछले साल नवंबर में कालू के भतीजे हमला हुआ था, उस हमले में उसके पैर में गोली लगी थी. हमले के बाद पुलिस ने उस मामले में 4 लोग गिरफ्तार किए थे. लेकिन कालू को शक था कि उसके भतीजे पर हमला किसी और ने नहीं बल्कि अशोक मान ने कराया था.

हालांकि उस एफआईआर में अशोक का नाम नहीं था. बस इसी शक के चलते कालू ने उससे बदला लेने की ठान ली और मंगलवार की रात जब अशोक मान और उसका भतीजा हरेंद्र नवनिर्वाचित विधायक नरेश यादव के साथ काफिले में शामिल थे, तो उन्हें निशाना बनाकर हमला कर दिया. अब पुलिस उस हथियार को बरामद करने की कोशिश कर रही है, जिससे इस वारदात को अंजाम दिया गया.